Ganesha chaturthi 2019


गणेश चतुर्थी खासतौर पर गणेश जी का जन्मदिन ही है,जिसे हिन्दू धर्म मे बड़े हर्षोउल्लाश और बड़े धूम -धाम से मनाया जाता है, ज्यादातर गणेश चतुर्थी या गणेश जन्मदिन कई बड़े शहरों में बड़े पैमाने पर मनाया जाता है जैसे -दिल्ली,मुम्बई,सूरत,पूणे..आदि
    
     यह त्यौहार 10 दिनों का होता जिसमे रोज शाम गणेश जी की आरती और गाना बजाना होता है यह त्यौहार ऑगस्ट महीने के रंग बिरंगे मौसम में आता है ,गणेश जी के जन्म दिन पर सभी श्रद्धालु आरती के समय जरूर पंहुचते है, हर तिराहे चौराहे पर आपको बहुत अच्छे से सजा हुआ एक पंडाल आपको जरूर मिल जाएगा आपको इस महीने में,

गणेश जी की कहानी


        कथावाचको के अनुसार माता पार्वती गणेश जी को अपने शरीर से ही पांच तत्त्वों को मिला कर प्रकट की थीं, माता पार्वती और महादेव भोले के दो पुत्र थे कार्तिकेय और गणेश जी एक बार अन्तर्यामी महादेव शिव जी अपने दोनों पुत्रों को कहा जो पहले तीनो लोकों का सम्पूर्ण भ्रमड़ करके 7 चक्कर लगाकर आएगा उसी को सर्व श्रेष्ठ माना जायेगा तो कार्तिके जी तो निकल लिए अपने सवारी मोर पर बैठ कर फिर गणेश ने सोचा मेरी सवारी तो मूसक है ,और यह ज्यादा तेज चल भी तो नही सकता तो गणेश ने सोचा कि माता पिता से बढ़कर कुछ नही माता पिता में ही तीनों लोक बसते है तो, फिर क्या था गणेश जी बैठे माता पिता के चक्कर लगाने लगे और सात बार लगा कर वो वहीं खड़े ही थे कि कार्तिके भी चक्कर लगाकर आगये फिर कार्तिकेय ने सोच गणेश तो गए ही नही यानी मैं विजयी हूँ, फिर बोले पिता जी मैं विजयी हूँ क्योंकि गणेश तो गए ही नही तो महादेव ने कहा नही वो तुमसे एक चौथाई  समय मे ही तीनो लोकों का 7 बार चक्कर लगा चुके हैं तो कार्तिकेय बोले कैसे गणेश तो चक्कर लगाने गए ही नही तो शंकर जी ने कहा कि गणेश अपने माता पिता में ही तीनो लोकों को देखते हैं इसीलिए ये मेरी और अपनी माता पार्वती के चक्कर लगा लिए इससे यह तय है कि गणेश ही सर्वश्रेष्ठ है बुद्धि में भी और बल में भी 

   

                    Comment जै गनेशा

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