What would have happened to Vikram Lander if he lived? Chandrayaan-2 में यदि रोवर की जगह कोई आदमी या ह्यूमन रोबोट हो तो क्या होता

Vikram lander अपने आप मे शक्तिशाली लैंडर साबित हुआ,हार्ड लैंडिंग के बाद भी है बिल्कुल सही vikram lander मे कोई टूट फूट नही हुआ.


Vikram lander photo
Vikram lander

Vikram lander के साथ रोवर के स्थान पर यदि कोई ह्यूमन या ह्यूमन रोबोट होता तो क्या होता?

यदि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) एजेंसी के वैज्ञानिकों ने chandrayan 2 में vikram lander के साथ रोवर प्रज्ञान को न भेजकर `ह्यूमन' कोई आदमी या ह्यूमन रोबोट को chandrayan 2 मिशन के लिए भेजता तो ISRO एजेंसी में बैठे वैज्ञानिकों को विक्रमलैंडर को कंट्रोल थोड़ा बहुत ही करना पड़ता बाँकी काम तो विक्रमलैंडर में बैठा आदमी या ह्यूमन रोबोट ही कर लेता जैसे इंजन को एक्टिवेट करना फिर सॉफ्ट लैंडिंग के साथ चाँद की सतह पर लैंड कराना फिर न ही चन्द्रयान के vikram lander से सम्पर्क टूटता और न ही हार्ड लैंडिंग होती क्यों कि रोवर की जगह कोई आदमी या ह्यूमन रोबोट होता तो तय स्थान पर ही लैंड करता एवं vikram lander का पूरा कन्ट्रोल लैंडर में बैठे आदमी या ह्यूमन रोबोट के हाँथ में होता.

Vikram lander  की  लैंडिंग  कैसे  हुई  थी

Vikram lander को 7 sep रात 01:30am - 02:30am के बींच भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(ISRO) ने चाँद के जमीन पर vikram lander को लैंड कराने के लिए तंय किया, आखिर वो दिन आ ही गया था जिसका इंतजार हर भारतवासी और स्वयं भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं कई और देशों को बेसब्री से इंतजार था,vikram के लैंडिंग का लाइव सफर देखने pm नरेंद्र मोदी करीब 2 घंटे पहले ही पहुँच गए थे, और बहुत सारे बच्चे और कई लोग विक्रम लैंडर की लाइव लैंडिंग देखने के लिए पहुंचे इसरो एजेंंसी.

   फिर इसरो ने तंय समय पर अपना काम शुरू कर दिया vikram lander को आर्बिटर से पाँच सितंबर को ही अलग कर लिया गया था,
 Vikram lander को चाँद की सतह से 100 km दूर  ऑर्बिट से चाँद की धरती पर उतारने के लिए लैंडर में लगे चार रॉकेट इंजन को एक्टिवेट किया और विक्रमलैंडर चांद के ऑर्बिट से चाँद की सतह की ओर बढ़ने लगा अब कुछ ही समय मे vikram lander में लगा मेन रॉकेट इंजन को एक्टिव करके सॉफ्ट लैंडिंग करानी थी इसरो के बैज्ञानिकों को लेकिन मेन ईंजन जैसे ही ऐक्टिव हुआ मात्र 2.1km की बची दूरी पर ही vikram lander से कनेक्सन ही टूट गया जैसे ही लैंडर से बैज्ञानिकों का कन्ट्रोल हटा तो विक्रमलैंडर तय स्थान से 500 मीटर दूरी पर हार्ड लैंडिंग हुई हलांकि आर्बिटर से भेजी हुई तस्वीर के मुताबिक लैंडर में कोई टूट फूट नही हुई है, हार्ड लैंडिंग की वजह से थोड़ा सा झुक गया है,

Vikram lander   से  संपर्क  साधने  में  लगी  हैं  दो  एजेंसियां  NASA  और  ISRO

NASA AND ISRO
NASA AND ISRO

Vikram lander को चाँद पर लैंड किये हुए 7 दिन हो चुके हैं vikram lander से समपर्क स्थापित करने के लिए इसरो के बैज्ञानिक लगातार कोशिश कर रहे हैं अब इसरो अकेला नही nasa भी vikram lander से सम्पर्क साधने में ISRO की मदद करेगा एक उम्मीद अभी भी है विक्रमलैंडर को फिर से जाग उठने की nasa स्पेस एजेंसी के बैज्ञानिकों ने कहा की हम आपकेसाथ लैंडर की पूरी तस्वीरे साझा करेंगे और vikram lander से संपर्क साधने की पूरी कोशिस करेंगे, इसरो ने कहा कि चन्द्रमा के जिस भाग में vikram lander है वहाँ जबतक रोसनी है तब तक कोशिस करते रहेंगे विक्रमलैंडर से लिंक करने की क्योंकि रोसनी नही होगी तो हम संपर्क बनाना मुश्किल होगा अतः अभी 20sep से 21sep तक और कोशिस होगी vikram lander से सम्पर्क साधने की.

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